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मेडिकल इमरजेंसी में अपना PF कैसे इस्तेमाल करें

अगर आपको या परिवार के किसी सदस्य को इलाज की ज़रूरत है और आपका PF खाता है, तो आप बीमारी के लिए आंशिक निकासी कर सकते हैं। यह आपका अपना पैसा है, कोई ब्याज नहीं भरना, और ज़्यादातर लोगों के लिए क्लेम ऑनलाइन होता है। सोना बेचने या उधार लेने से पहले इसे आज़माइए।

लेखक: Aniket Sanduja · पढ़ने में 6 मिनट · अपडेट: 28 सितंबर 2026

पहले ये जाँचिए, हो सकता है निकालने की ज़रूरत ही न पड़े: मालिक की ओर से या आपकी अपनी पॉलिसी वाला स्वास्थ्य बीमा (कैशलेस इलाज के लिए अस्पताल के इंश्योरेंस डेस्क पर पूछिए), अगर मालिक ने कवर किया है तो ESIC, और अगर परिवार पात्र है या मरीज़ 70 साल या उससे ज़्यादा का है तो आयुष्मान भारत PM-JAY (14555 पर कॉल कीजिए)।

कौन क्लेम कर सकता है

  • कोई भी EPF सदस्य, अपने, पति/पत्नी, बच्चों या आश्रित माता-पिता के इलाज के लिए।
  • अस्पताल में भर्ती, ऑपरेशन, और कैंसर, टीबी, लकवा, किडनी या दिल की बीमारी जैसी गंभीर बीमारियों का इलाज, सब इसमें आते हैं।
  • आपका UAN एक्टिवेट हो, आधार जुड़ा और वेरिफ़ाई हो, और बैंक खाता KYC में वेरिफ़ाई हो। इनमें से कुछ भी बाक़ी है तो आज ही कीजिए; क्लेम अटकने की यही सबसे आम वजह है।

कितना निकाल सकते हैं

EPFO ने 2025 में आंशिक निकासी के नियम आसान किए, और सीमाएँ एक से ज़्यादा बार बदली हैं। आपको ख़ुद हिसाब लगाने की ज़रूरत नहीं: ऑनलाइन क्लेम फ़ॉर्म में मक़सद चुनते ही पोर्टल आपके खाते के लिए अधिकतम पात्र रकम दिखा देता है। आप उस तक कोई भी रकम माँग सकते हैं।

जितना निकालेंगे, आपका रिटायरमेंट का बैलेंस उतना घटेगा, और उस पैसे पर EPF ब्याज नहीं मिलेगा। उतना ही लीजिए जितना इलाज में चाहिए, ज़्यादा नहीं।

कदम-दर-कदम: ऑनलाइन क्लेम

  1. EPFO मेंबर पोर्टल पर लॉग-इन कीजिएunifiedportal-mem.epfindia.gov.in पर जाइए और UAN, पासवर्ड और कैप्चा से लॉग-इन कीजिए। फ़ोन पर UMANG ऐप में EPFO → Raise Claim चुन सकते हैं।
  2. अपनी KYC जाँचिएManage → KYC में देखिए कि आधार, PAN और बैंक खाता वेरिफ़ाइड दिख रहे हैं। View → Service History में देखिए कि मौजूदा मालिक के यहाँ जॉइन करने की तारीख़ दर्ज है।
  3. क्लेम शुरू कीजिएOnline Services → Claim (Form-31, 19, 10C & 10D) पर जाइए। बैंक खाते के आख़िरी चार अंक डालकर उसे वेरिफ़ाई कीजिए।
  4. PF एडवांस (फ़ॉर्म 31) चुनिए"I want to apply for PF Advance (Form 31)" चुनिए, फिर बीमारी या इलाज वाला मक़सद चुनिए। पोर्टल आपकी पात्र रकम दिखाएगा।
  5. रकम और पता भरिएजितनी रकम चाहिए वह, अपना पता भरिए, और माँगा जाए तो चेक या पासबुक पेज की स्कैन कॉपी अपलोड कीजिए।
  6. आधार OTP से सबमिट कीजिएआधार से जुड़े मोबाइल पर OTP आएगा। उसे डालकर सबमिट कीजिए। क्लेम रेफ़रेंस नंबर नोट कर लीजिए।
  7. क्लेम का स्टेटस देखिएOnline Services → Track Claim Status। बीमारी के बहुत-से क्लेम अपने आप सेटल होते हैं और पैसा लगभग तीन से पाँच कामकाजी दिनों में बैंक खाते में आ जाता है। जिन क्लेम की हाथ से जाँच होती है, उनमें ज़्यादा समय लग सकता है।

"PF एजेंटों" से सावधान। EPF क्लेम के लिए किसी को पैसे देने की ज़रूरत नहीं, और कोई असली EPFO कर्मचारी आपका पासवर्ड या OTP नहीं माँगेगा। अगर कोई फीस लेकर क्लेम "जल्दी" करवाने की पेशकश करे, तो वह फ़्रॉड है।

अगर अस्पताल को आज ही पैसा चाहिए

PF क्लेम में आम तौर पर कुछ दिन लगते हैं। बीच के समय के लिए:

  • अस्पताल के बिलिंग डेस्क से कुछ जमा पर इलाज शुरू करने को कहिए और अपने सबमिट किए क्लेम का रेफ़रेंस दिखाइए। बहुत-से अस्पताल आंशिक भुगतान मान लेते हैं।
  • बाक़ी PF क्लेम के भरोसे अपने मालिक से तनख़्वाह का एडवांस माँगिए।
  • अगर सोना है, तो कुछ हफ़्तों का बैंक गोल्ड लोन बहुत कम ख़र्च में पड़ता है, और PF का पैसा आते ही चुका दीजिए। गोल्ड लोन या पर्सनल लोन देखिए।
  • एक हफ़्ते के लिए भी लोन ऐप और साहूकार से बचिए। "बस 1% रोज़" वाला छोटा लोन पूरे गोल्ड लोन से ज़्यादा महँगा पड़ता है।

इमरजेंसी के बाद

EPF रिटायरमेंट का पैसा है। किसी असली इमरजेंसी में एक बार इसका इस्तेमाल समझदारी है; बार-बार ज़रूरत पड़ने का मतलब है कि परिवार को अलग इमरजेंसी फंड और स्वास्थ्य बीमा चाहिए। हालात सँभलते ही वहीं से शुरुआत कीजिए।

लोग अक्सर पूछते हैं

क्या EPF मेडिकल निकासी के लिए डॉक्टर का सर्टिफ़िकेट चाहिए?

ऑनलाइन क्लेम में EPFO ज़्यादातर मामलों में बीमारी के लिए स्व-घोषणा (सेल्फ़-डिक्लेरेशन) मान लेता है। फिर भी अस्पताल का अनुमान और बिल सँभालकर रखिए; EPFO माँग सकता है, और आपके मालिक को अपने रिकॉर्ड के लिए चाहिए हो सकते हैं।

क्या यह निकासी टैक्सेबल है?

बीमारी के लिए EPF से आंशिक निकासी (एडवांस) पर आय के रूप में टैक्स नहीं लगता। टैक्स का सवाल मुख्य रूप से पाँच साल की नौकरी से पहले फ़ाइनल सेटलमेंट पर उठता है, जो आंशिक निकासी से अलग है।

मेरा क्लेम रिजेक्ट हो गया। अब क्या करूँ?

रिजेक्शन की वजह क्लेम स्टेटस में दिखती है। आम वजहें हैं: KYC में बैंक खाता वेरिफ़ाई न होना, आधार से नाम या जन्मतिथि मेल न खाना, या नौकरी जॉइन करने की तारीख़ दर्ज न होना। मेंबर पोर्टल में ठीक कीजिए और फिर क्लेम कीजिए। शिकायत epfigms.gov.in या EPFO हेल्पलाइन 14470 पर कीजिए।

मेरे पास EPF नहीं है। मेरे क्या विकल्प हैं?

देखिए कि आप ESIC के दायरे में हैं (ESI अस्पतालों में मुफ़्त इलाज) या आयुष्मान भारत PM-JAY (₹5 लाख तक अस्पताल कवर) के पात्र हैं। अस्पताल से किस्तों की बात कीजिए। अगर सोना है, तो बैंक गोल्ड लोन किसी भी ऐप या साहूकार से बहुत सस्ता है।