साइबर क्राइम की ऑनलाइन शिकायत कैसे करें
धोखाधड़ी, लोन ऐप की धमकी, ब्लैकमेल या हैक हुए अकाउंट के लिए। सबूत तैयार हों तो लगभग 20 मिनट लगते हैं, इसलिए पहले उन्हें इकट्ठा कीजिए।
लेखक: Aniket Sanduja · पढ़ने में 6 मिनट · अपडेट: 28 सितंबर 2026
अभी-अभी खाते से पैसा गया है? सबसे पहले अभी 1930 पर कॉल कीजिए। शुरुआती घंटे बहुत अहम हैं: 1930 बैंकों और वॉलेट से कह सकता है कि फ़्रॉड करने वाले के खाते में पैसा निकाले जाने से पहले रोक दें। फिर वापस आकर लिखित शिकायत दर्ज कीजिए।
शुरू करने से पहले: सबूत इकट्ठा कीजिए
सब कुछ फ़ोन या कंप्यूटर के एक फ़ोल्डर में रखिए। स्क्रीनशॉट काफ़ी हैं; कुछ प्रिंट करने की ज़रूरत नहीं।
- आपकी जानकारी: नाम, पता, मोबाइल नंबर, और एक फ़ोटो पहचान पत्र (आधार, PAN, वोटर ID या ड्राइविंग लाइसेंस)।
- क्या हुआ, क्रम से: तारीख़, समय और कुछ छोटी लाइनें। पहले Notes में लिख लीजिए ताकि पेस्ट कर सकें।
- मैसेज और कॉल: SMS, WhatsApp चैट, ईमेल और कॉल लॉग के स्क्रीनशॉट, जिनमें भेजने वाले का नंबर या ID दिखे।
- पैसे का लेन-देन (अगर हुआ): बैंक स्टेटमेंट या UPI स्क्रीनशॉट जिसमें ट्रांज़ैक्शन ID या UTR नंबर, तारीख़, रकम और पाने वाले की UPI ID या खाता दिखे।
- लिंक और ऐप: वेबसाइट का पता, ऐप का नाम, और इसमें शामिल व्यक्ति के प्रोफ़ाइल लिंक।
पोर्टल पर हर फ़ाइल की साइज़ सीमा है, इसलिए स्क्रीनशॉट में सिर्फ़ काम का हिस्सा रखिए।
cybercrime.gov.in पर कदम-दर-कदम
- असली वेबसाइट खोलिएcybercrime.gov.in ख़ुद टाइप कीजिए। किसी मैसेज के लिंक पर क्लिक मत कीजिए; पोर्टल की नकली कॉपी भी मौजूद हैं।
- सही हिस्सा चुनिएयौन या मॉर्फ़्ड तस्वीरों के लिए Report Women/Child Related Crime, जिसकी शिकायत बिना लॉग-इन के हो सकती है। लोन ऐप के उत्पीड़न, धोखाधड़ी, जबरन वसूली और हैकिंग के लिए Report Other Cybercrime या Financial Fraud।
- मोबाइल नंबर से लॉग-इन कीजिएअपना राज्य चुनिए, मोबाइल नंबर और OTP डालिए। यह OTP सरकारी पोर्टल से आता है; इस पूरी प्रक्रिया में सिर्फ़ यही OTP डालना है।
- घटना की जानकारी भरिएश्रेणी (लोन ऐप के लिए जो सही लगे: आर्थिक धोखाधड़ी या उत्पीड़न), तारीख़ और समय, कहाँ हुआ (ऐप या वेबसाइट), और आपका विवरण। तथ्य लिखिए: उन्होंने क्या किया, क्या माँगा, आपने क्या दिया।
- संदिग्ध की जानकारी हो तो जोड़िएफ़ोन नंबर, UPI ID, बैंक खाते, ऐप का नाम, सोशल मीडिया हैंडल। अधूरी जानकारी भी काम की है।
- सबूत अपलोड करके सबमिट कीजिएस्क्रीनशॉट और अपना बयान लगाइए। सब कुछ जाँचिए, फिर सबमिट कीजिए।
- अपना एक्नॉलेजमेंट नंबर सँभालिएआपको SMS और ईमेल से शिकायत या एक्नॉलेजमेंट नंबर मिलेगा। इसका स्क्रीनशॉट लीजिए। केस का स्टेटस देखने और बैंक या प्लेटफ़ॉर्म को लिखते समय यही चाहिए।
शिकायत के बाद
- स्टेटस देखिए: cybercrime.gov.in पर लॉग-इन करके एक्नॉलेजमेंट नंबर से शिकायत का स्टेटस देखिए।
- बैंक को लिखित में बताइए: किसी भी बिना अनुमति वाले ट्रांज़ैक्शन के लिए बैंक के कस्टमर केयर को शिकायत नंबर के साथ ईमेल कीजिए। बिना अनुमति वाले इलेक्ट्रॉनिक ट्रांज़ैक्शन पर RBI के नियमों के तहत, जल्दी बताने से आपके हिस्से का नुकसान सीमित रहता है।
- लोन देने वाले की अलग शिकायत: अगर कोई गैर-कानूनी लोन ऐप शामिल है, तो RBI के सचेत पोर्टल (sachet.rbi.org.in) पर भी शिकायत कीजिए।
- नंबर की शिकायत: फ़्रॉड कॉल और SMS की शिकायत sancharsaathi.gov.in के चक्षु (Chakshu) हिस्से में हो सकती है, जिससे नंबर ब्लॉक करवाने में मदद मिलती है।
- नए सबूत रखते जाइए: धमकियाँ जारी रहें तो स्क्रीनशॉट लेते रहिए और उन्हें अपने केस में जोड़िए।
अगर आप ख़ुद जाना चाहें
आप इसी सबूत वाले फ़ोल्डर के साथ अपने थाने या ज़िले के साइबर सेल जा सकते हैं। अपनी शिकायत दर्ज करने को कहिए, और अगर आपको धमकाया जा रहा है या वसूली हो रही है तो FIR माँगिए। पुलिस इस वजह से शिकायत लेने से मना नहीं कर सकती कि अपराध ऑनलाइन हुआ, या अपराधी किसी दूसरे राज्य में है। अगर मना किया जाए, तो ऑनलाइन पोर्टल हमेशा खुला है।
लोग अक्सर पूछते हैं
क्या साइबर क्राइम की शिकायत के लिए कोई फीस लगती है?
नहीं। 1930 पर कॉल करना और cybercrime.gov.in पर शिकायत करना, दोनों मुफ़्त हैं। जो भी 'शिकायत दर्ज करने' या 'पैसा वापस दिलाने' के लिए फीस माँगे, वह दूसरा फ़्रॉड कर रहा है।
क्या मेरा पैसा वापस मिल सकता है?
कभी-कभी। अगर आप जल्दी 1930 पर कॉल करते हैं, तो पैसा निकाले जाने से पहले पाने वाले खाते में रोका जा सकता है। उसके बाद वापसी जाँच और अदालत पर निर्भर करती है। जितनी जल्दी शिकायत, उतनी बेहतर उम्मीद।
क्या मुझे थाने जाना होगा?
शिकायत दर्ज करने के लिए नहीं; शुरुआत के लिए ऑनलाइन पोर्टल काफ़ी है। शिकायत आपके इलाक़े की पुलिस को भेजी जाती है, जो आपको कॉल कर सकती है। गंभीर मामलों में FIR के लिए, या अगर कोई आमने-सामने धमकाए, तो छपी हुई शिकायत और सबूत लेकर थाने जाना मदद करता है।
कोई ख़ुद को साइबर सेल का बताकर केस बंद करने के लिए पैसे माँग रहा है। क्या यह असली है?
नहीं। पुलिस फ़ोन पर केस बंद करने के लिए पैसे नहीं माँगती, और 'डिजिटल अरेस्ट' जैसी कोई चीज़ नहीं होती। फ़ोन काटिए और 1930 पर उस नंबर की शिकायत कीजिए।